4/17/2018

क्यों देवी सीता ने जीवित ही निगल लिया था पुत्र समान लक्ष्मण को,

रामायण तो आप सभी ने देखी होगी लेकिन उसके कुछ रहस्य का कुछ ही लोगों को पता होता है। जी हां दोस्तो आज हम बताने वाले हैं रामायण की एक ऐसे रहस्य के बारे में जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। माता सीता लक्ष्मण को अपना पुत्र ही मानती थी और लक्ष्मण भी माता सीता को माता की तरह ही मानते थे। फिर भी माता सीता ने लक्ष्मण को जिंदा ही निगल लिया था, ऐसा क्यों किया आइए जानते हैं।

कहते हैं वनवास जाने से पूर्व देवी सीताने यह मन्नत मांगी थी कि यदि वह सकुशल अपने पति और देवर के साथ वापस अयोध्या लौट आएंगी तो सरयू नदी के दर्शन कर विधिपूर्वक उनकी पूजा अर्चना करेंगी।


तो सभी के वनवास से लौटने के बाद माता सीता लक्ष्मण को लेकर सरयू नदी पर गईं पूजा अर्चना करने। जैसे ही लक्ष्मण ने नदी से घड़े में पानी लिया अघासुर नाम के राक्षस ने लक्ष्मण पर हमला कर उनको निगलना चाहा लेकिन इस से पहले माता सीता ने ही लक्ष्मण को जिंदा निगल लिया।

जैसे ही उन्होंने लक्ष्मण को निगला उनका शरीर मोम की तरह पिघल गया। इस घटना को हनुमान छुप कर देख रहे थे। उन्होंने पिघले हुए शरीर को एक घड़े में भरा और राम को जाकर सारी बात बताई और कहा कि इस पगले हुए शरीर से ही उस अघासुर नाम के राक्षस का वध होगा।

बस फिर क्या था राम ने आज्ञा दी और हनुमान ने उस घड़े को सरयू नदी में प्रवाहित कर दिया। हनुमान के इतना करते ही अघासुर नाम का राक्षस जलकर राख हो गया और सरयू नदी की देवी ने माता सीता और लक्ष्मण को फिर से जिंदा कर दिया।

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